पटना: Bihar Politics: JDU पटना में कल सुबह 11 बजे बैठक करेगी। कल सुबह 11 बजे RJD भी अलग अपनी एक बैठक करेगी। इस बीच आज शाम BJP के कई नेता बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के आवास पर पहुंचे। डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद के आवास पर पार्टी की बैठक हो रही है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, प्रदेश महामंत्री संजीव चौरसिया समेत प्रदेश के सभी बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।
इससे पहले JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह और संजय सिंह मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। दोनों ने नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद वो वहां से निकल गए। JDU ने मंगलवार को सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है। वहीं RJD भी अपने विधायकों के साथ बैठक करने जा रही है।
सभी स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं कांग्रेस
बिहार में तेज राजीतिक हलचल के बीच कांग्रेस सभी स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास
भी सोमवार को पटना पहुंच गए हैं। हालांकि कांग्रेस दास के इस कार्यक्रम में पूर्व निर्धारित बता रही है।
नीतीश कुमार के बारे में अनावश्यक बयानबाजी से बचें नेता : BJP
बिहार में तेजी से बढ़ रही राजनीतिक सरगर्मी के बीच भाजपा ने अपने नेताओं को गठबंधन सरकार के भविष्य और खास तौर से नीतीश कुमार को लेकर किसी भी तरह की अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने की सलाह दी है।
सियासी घमासान के बीच भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने शीर्ष नेताओं को स्थिति का आकलन करने और कार्ययोजना तैयार करने के लिए दिल्ली बुलाया है। रविशंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, नितिन नवीन, सतीश चंद्र दुबे जैसे भाजपा नेता दिल्ली के लिए रवाना भी हो चुके हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री आर सी पी सिंहके जनता दल (युनाइटेड) से इस्तीफा देने के बाद न केवल जदयू में हलचल तेज है, बल्कि बिहार की सियासत में भी हलचल है। बिहार में जदयू के फिर से राजद के साथ जाकर सरकार बनाने की चर्चा है, वहीं जदयू खुद को एकजुट भी दिखाने में जुटी है।
07 अगस्त, 2022 को JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा था कि,,''आर.सी.पी. सिंह कहते हैं कि JDU डुबता हुआ जहाज है लेकिन हम उनको बता देना चाहते हैं कि JDU डुबता हुआ जहाज नहीं बल्कि दौड़ता हुआ जहाज है। लेकिन ये बात है कि कुछ लोग उस जहाज में छेद करना चाहते हैं| पूरी पार्टी नीतिश कुमार जी की आभारी है कि उन्होंने ऐसे लोगों को पहचान लिया। हमने पहले भी कहा है कि नीतिश कुमार जी की संख्या जो 43 पर आ गई वो जनाधार की वजह से नहीं बल्कि उनके खिलाफ हुई षडयंत्र की वजह से हुई लेकिन अब ऐसा नहीं होगा|