रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित धर्म संसद में गांधीजी का अपमान करने वाले महाराष्ट्र के संत कालीचरण पर रायपुर में FIR दर्ज हो गई हैछत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस ने महात्मा गांधी के खिलाफ ‘अपमानजनक' टिप्पणी करने के आरोप में हिंदू धार्मिक नेता कालीचरण महाराज के खिलाफ मामला दर्ज किया है| कालीचरण महाराज ने 'धर्म संसद' में यह बयान दिया था|
कालीचरण महाराज के खिलाफ पुलिस पूर्व मेयर प्रमोद दुबे की शिकायत पर रायपुर के टिकरापारा थाने में मामला दर्ज कर लिया है| छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकम ने भी देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है|
संत कालीचरण को IPC की गैर जमानती धारा 505 (2) के तहत शांति भंग करने के मकसद से आपत्तिजनक बयान देने, समुदायों के प्रति नफरत पैदा करने और धारा 294 के तहत अश्लील गाली गलौज करने का आरोपी बनाया गया है। सिविल लाइंस के CSP वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मोहन मरकाम के आवेदन को कार्रवाई के लिए थाने भेज दिया गया है। इधर विवादित बयान देने के फौरन बाद कालीचरण महाराष्ट्र रवाना हो गए।
CM भूपेश बघेल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि,''राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाले हिंदुत्ववादी कालीचरण के विरुद्ध थाना टिकरापारा, रायपुर में अपराध क्रमांक 578/2021 धारा 505(2), 294 IPC के तहत अपराध दर्ज़ किया गया है।
CM भूपेश बघेल ने कहा कि ,''बापू को गाली देकर, समाज मे विष वमन करके अगर किसी पाखंडी को लगता है कि वो अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएंगे, तो उनका भ्रम है। उनके आका भी दोनों सुन लें.. भारत और सनातन संस्कृति दोनों की आत्मा पर चोट करने की जो भी कोशिश करेगा... न संविधान उसे बख्शेगा, न जनता उन्हें स्वीकार करेगी।
महा हरामी वो मोहनदास करमचंद गाँधी ने सत्यानाश पेल दिया: कालीचरण:
रायपुर में धर्म संसद-2021 में महाराष्ट्र से आए संत कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में गलत बातें कहीं थी। कालीचरण ने धर्म संसद मंच से गांधीजी के बारे में अपशब्द बोले। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। छत्तीसगढ़ राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने इस बयान का विरोध करते हुए मंच छोड़ दिया।
धर्म संसद मंच से कालीचरण ने कहा कि,'' महा हरामी वो मोहनदास करमचंद गाँधी ने सत्यानाश पेल दिया। हरामी..मोहनदास करमचंद गांधी ने देश का सत्यानाश किया| गोडसे जी को नमस्कार है...कि, गोडसे ने मार डाला उस हरामी को” | धर्म संसद के समापन समारोह में शनिवार को संत कालीचरण यह भाषण दे रहे थे | दर्शकों के बीच कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे, भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने और नंदकुमार साय भी मौजूद थे।
महंत रामसुंदर दास ने किया विरोध
राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने कालीचरण के बयान का खुले मंच से विरोध किया था| भड़के हुए लहजे में रामसुंदर दास ने कहा कि मंच से महात्मा गांधी को गाली दी गई है, हम इसका विरोध करते हैं। यह सनातन धर्म नहीं और ना ही धर्म संसद के मंच पर इस तरह की बात होनी होनी चाहिए। फिर महंत रामसुंदर दास मंच से उतर गए और तमतमाए हुए अंदाज में वापस दूधाधारी मठ लौट गए।
मंच पर कालीचरण की इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले राष्ट्रपिता के खिलाफ इस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए|
उन्होंने कहा, मैं आप सबसे पूछना चाहता हूं इस बात को कि इस धर्म संसद के मंच से जो बात कही गई। जिसपर आप सबने खूब ताली बजाई थी। क्या महात्मा गांधी सही में गद्दार थे? टीवी का रिकॉर्ड है। आप सब देखिए। यही शब्द कहा गया था। ताली और थाली खूब बजी थी। 1947 की वह घटना याद करिए। जिस परिस्थितवस भारत स्वतंत्र हुआ। महात्मा गांधी ने क्या कुछ नहीं किया। अब उनके विषय में इस धर्म संसद से ऐसी बात? मैं बहुत क्षमा चाहता हूं आप सब से। लेकिन इस धर्म संसद से मैं खुद को अलग करता हूं।
दास ने कहा, ‘‘जिस उद्देश्य के साथ यह आयोजन किया गया था, वह अपने रास्ते से भटक गया है... आजादी के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने वाले महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया जा रहा है| मैं आयोजक से पूछना चाहता हूं कि जब राष्ट्रपिता के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था तो उन्होंने इस पर आपत्ति क्यों नहीं की|' उन्होंने कहा, ‘‘...मुझे खेद है, लेकिन मैं इस आयोजन से खुद को अलग कर रहा हूं| दास ऐसा कहकर मंच से चले गए|