रांची: लाभ के पद के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा की सदस्यता पर चुनाव आयोग ने अपनी राय गुरुवार को राजभवन भेज दी। अब राज्यपाल ही हेमंत की विधानसभा सदस्यता पर आखिरी फैसला लेंगे। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली से आज दोपहर रांची पहुंच गए हैं। इस फैसले के बाद राज्य में अगले 48 घंटे में राजनीतिक उथल-पुथल होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
वहीँ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता चली गई है। उन्होंने कहा,'' यह जश्न मनाने का दिन है| निशिकांत दुबे ने कहा,''पत्रकारों ने मुझे बताया कि उनकी(हेमंत सोरेन) सदस्यता चली गई है। चुनाव आयोग ने राज्यपाल को इसकी सिफारिश की थी। एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में यह खुशी की बात है क्योंकि यह भाजपा ही है जिसने राज्यपाल से शिकायत की थी। यह जश्न मनाने का दिन है|
EC के पत्र पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा नेता, सांसद और उनके कठपुतली जर्नलिस्टों ने रिपोर्ट तैयार की है। नहीं तो ये सील्ड होती। संवैधानिक संस्थाओं और एजेंसियों को भाजपा दफ्तर ने टेकओवर कर लिया है। भारतीय लोकतंत्र में ऐसा कभी नहीं देखा गया।
बता दें कि ,''10 फरवरी को पूर्व CM रघुवर दास के नेतृत्व में BJP के एक डेलिगेशन ने गवर्नर से मुलाकात कर CM सोरेन की सदस्यता रद्द करने कि मांग की थी। BJP ने आरोप लगाया था कि CM सोरेन ने पद पर रहते हुए अनगड़ा में खनन पट्टा लिया है। BJP का आरोप है कि यह लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन है।
गवर्नर ने BJP की यह शिकायत चुनाव आयोग को भेजी थी। उसके बाद चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर सोरेन से इस मामले में जवाब मांगा था। लगभग छह महीने की सुनवाई के बाद आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया