समरसता गतिविधि शाहजीपुर महानगर की ओर से अटल सभागार में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलन द्वारा हुआ। उत्सवी माहौल में गायन का भी आयोजन हुआ। विभिन्न भजनों और लोक गीतों की मधुर रसधार पर मोहक नृत्य का सभी ने आनंद लिया। मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रान्त समरसता प्रमुख रामप्रसाद अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक समरसता, यानी समाज में सभी वर्गों और धर्मों के लोगों के बीच प्रेम, भाईचारा और सह-अस्तित्व, आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह न केवल एक आदर्श है, बल्कि एक मजबूत और विकसित समाज के लिए अनिवार्य भी है।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है, सामरिक और कूटनीति मोर्चों में बढ़ती महत्ता से सभी परिचित हैं. ऐसे समय में भारतीय समाज को एकजुट होकर सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करना है। देश और विदेश में ऐसी अनेक शक्तियां हैं जो भारत को इस रास्ते पर आगे बढ़ने से रोकना चाहती हैं. किंतु ‘स्व’ के बोध के साथ हमें मिलकर इन शक्तियों को प्रभावशून्य बनाना है। श्री अग्रवाक ने कहा कि आरएसएस ने कभी भी जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। संघ के स्वयंसेवक हमेशा से “समता”, “ममता” और “समरसता” में विश्वास करते रहे हैं, न केवल भौतिक रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से भी वे अपनेपन की भावना से जुड़े हुए हैं। होली एकमात्र ऐसा त्योहार है जिसमें लोगों के बीच ऊच- नीच, छोटे- बडे का कोई भेद भाव नहीं रहता. सभी जाति और वर्ग के लोग मिल जुल कर इस पर्व को मनाते हैं. नर और नारी दोनों मिलकर इस अनुपम त्योहार को उत्साह पूर्वक सार्वजनिक रूप से मनाते हैं। आज पूरे देश में सामाजिक समरसता और सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक प्रेम की महती आवश्यकता है. होली का त्योहार समाज में अपेक्षित सामाजिक सौहार्द, सद्भाव, मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देता है।
इस आयोजन में संघ के रवि मिश्र जी विभाग संघ चालक, डॉ. रवि मोहन जी, सह महानगर संघ चालक, मंजीत महानगर प्रचारक, अनिल जी विभाग कार्यवाह, नवनीत महानगर कार्यवाह, राम कुमार सह महानगर कार्यवाह, बसंत जी संयोजक सामाजिक समरसता गतिविधि, डॉ. आलोक जी प्रचार प्रमुख विभिन्न अनुसंगिक संगठनों के पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधि, अनेक गणमान्य बंधु उपस्थित रहें!