जिलाधिकारी एस राजलिंगम की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति के बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार, वाराणसी में किया गया।
बैठक में श्री हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी एवं श्रीमती स्वाति, प्रभागीय वनाधिकारी, वाराणसी एवं जनपद के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें। बैठक में सर्वप्रथम वर्ष-2024 में कराये गये वृक्षारोपणों के शतप्रतिशत जियो टैगिंग व वर्ष-2023-24 एवं वर्ष-2024-25 वृक्षारोपण के जीवितता की समीक्षा की गयी
तथा समस्त विभागों को निर्देश दिये गए कि शतप्रतिशत जियो टैगिंग का कार्य शिघ्रातिशिघ्र पूर्ण करावें तथा वर्ष-2025-26 के वृक्षारोपण अभियान हेतु जारी नये लक्ष्यों के सापेक्ष स्थल चयन करना प्रारंभ करें।
वरुणा, अस्सी एवं गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु संबंधित विभागो को कार्ययोजना शिघ्रातिशिघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए| मुख्य रूप से वरुणा व अस्सी नदी में बह रहे नालों को रोकने एवं प्रदुषण मुक्त करने हेतु अद्यतन स्थिति के बारे में चर्चा की गयी|
पर्यावरण समिति के अन्तर्गत विभिन्न पर्यावरण बिन्दुओं, जैसे ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, वायु प्रदुषण व अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गयी l अध्यक्ष महोदय द्वारा मुख्य रूप से यह निर्देश दिये गये
कि जनपद के समस्त बडे प्रतिष्ठानो जैसे-होटल, रेस्टोरेंट व अन्य द्वारा अपने कचरे/अपशिष्ट का स्वयं रूप से पृथक्करण (Segregation) और प्रबन्धन की जिम्मेदारी ली जाएगी,
नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंध नियम, 2016 के अनुसार गैर-अनुपालन की स्थिति में आवश्यकतानुसार नोटिस या दंड लगाया जायेगा
l उप-चिकित्साधिकारी, वाराणसी को निर्देश दिये गये की डिफाल्टर पाए गये अस्पतालों का जैव अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार गैर-अनुपालन की स्थिति में कार्यवाही करते हुए उनका लाइसेंस रद्द करेंl