Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी की जिला अदालत ने सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद में हिंदू देवताओं की दैनिक पूजा की अनुमति के लिए हिंदू उपासकों के अनुरोध को चुनौती देने वाली अंजुमन समिति की याचिका खारिज कर दी। ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की मांग को लेकर दायर याचिका को वाराणसी की कोर्ट ने सुनवाई के योग्य माना है| ज्ञानवापी श्रंगार गौरी विवाद मामले में फैसला सुनाते हुए ज़िला जज ए.के. विश्वेश की एकल पीठ ने कहा कि मामला सुनवाई योग्य है।
मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज होने के बाद, अंजुमन इंतेज़ामिया कमेटी जो मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व करती है, उच्च न्यायालय में जाने के लिए तैयार है। गौरा हो कि, 20 मई को सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी ज़िला जज को याचिका की मेरिट पर फ़ैसला लेने का आदेश दिया था\ वाराणसी ज़िला जज डॉ ऐके विश्वेश ने 24 अगस्त को सुनवाई पूरी की थी|
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा,''कोर्ट ने हमारी बहस को मान लिया है। मुस्लिम पक्ष के आवेदन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचिका सुनवाई योग्य है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी|
ज्ञानवापी मामले में याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने कहा,''ये हिंदू समुदाय की जीत है। अगली सुनवाई 22 सितंबर को है। आज का दिन ज्ञानवापी मंदिर के लिए शिलान्यास का दिन है। हम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं|
इससे पहले दिन में कोर्ट के फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के सभी संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि गश्त जारी है। “शांति सुनिश्चित की जा रही है। एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार ने कहा कि धार्मिक प्रमुखों ने बयान जारी कर शांति बनाए रखने की अपील की है।
एक दिन पहले, वाराणसी में प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी और उन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था जहां दोनों समुदायों के लोग रहते हैं।
ज्ञानवापी मामले में फैसला आने से पहले पुलिस ने लखनऊ में फ्लैग मार्च किया। लखनऊ के पुलिस आयुक्त एसबी शिराडकर ने कहा, "आज एक महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। फ्लैग मार्च का उद्देश्य था कि समाज के लोगों में हम सुरक्षा का भाव पैदा करें।"
ADG कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा,''वाराणसी के जिला न्यायाधीश के द्वारा ज्ञानवापी परिसर से संबंधित एक प्रकरण में निर्णय अपेक्षित है। इसको लेकर सभी जगह अलर्ट जारी किया गया है। हमारे सभी संवेदनशील जनपदों में अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं| इस मामले में अधिकारियों ने सभी संबंधित पक्षों से वार्ता भी की है और कानून एवं शांति व्यवस्था भंग ना होने पाए इसके लिए भी सबसे अपील की गई है। कोई भी अराजक तत्व इन स्थितियों का फायदा ना उठा पाए इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं|
ज्ञानवापी मामले में आज सुनवाई होने के मद्देनज़र किए गए सुरक्षा व्यवस्था पर वाराणसी ACP ने कहा,''सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। कचहरी परिसर में कोई अराजक गतिविधि न हो इसके लिए भी व्यवस्था है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 2000 से अधिक फोर्स यहां तैनात हैं|
फैसले से पहले वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा,;आज के फैसले में पता चल जाएगा कि आध्यात्मिक और ऐतिहासिक बुक दिखाई जाएंगी की नहीं? इसलिए आज का दिन महत्वपू्र्ण है क्योंकि हमारे बहस को अगर कोर्ट मानकर मस्जिद कमेटी के आवेदन को अस्वीकार करती है तो इसका प्रभाव ये होगा कि ये केस आगे बढ़ेगा| 1991 का उपासना अधिनियम हमारे पक्ष में है क्योंकि हमारा कहना है कि 15 अगस्त 1947 को इस जगह का धार्मिक स्वरूप एक हिंदू मंदिर का था और मुझे लगता है कि अगर आने वाले समय में ये आवेदन अस्वीकार होती है तो धार्मिक स्वरूप को तय करने की कवायद और आगे बढ़ेगी|