इस्लामाबाद: पाकिस्तान के एक तिहाई हिस्से के डूबने की विनाशकारी तबाही के बीच इस साल जून से शुरू हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण देशभर में अचानक बादल फटने और बाढ़ आने की घटनाओं पर WHO ने मानवीय स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी है और कहा है कि आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर होंगे।
वहीँ, विनाशकारी मानसूनी बारिश और भयंकर बाढ़ के बीच पाकिस्तान में पीड़ित महिलाओं को मासिक धर्म के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दो युवा लड़कियों ने बाढ़ प्रभावित महिलाओं को मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य उत्पाद उपलब्ध कराने की पहल की।
बताया जा रहा है,''बाढ़ से पाकिस्तान अर्थव्यवस्था को 12 अरब अमेरिकी डॉलर का अपूरणीय नुकसान हुआ है। गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने विनाशकारी बाढ़ में नुकसान पर रिपोर्ट संकलित की है और इसे प्रधान मंत्री कार्यालय को प्रस्तुत किया है|
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, "आर्थिक वृद्धि अनुमानित पांच प्रतिशत से घटकर 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।" सूत्रों ने कहा, "आर्थिक विकास में गिरावट से रोजगार सृजन की दर 1.2 फीसदी घटने की आशंका है।"
सूत्रों ने आगे कहा कि बाढ़ 180 अरब रुपये की लागत की विकास परियोजनाओं को पूरा करने में बाधा उत्पन्न करेगी। विकास परियोजना पर बाढ़ के प्रभाव से छह लाख नौकरियां भी कम होंगी।
पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अन्य वित्तीय संस्थानों से सहायता प्राप्त करने का फैसला किया है। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने आईएमएफ के अधिकारियों से संपर्क किया है और बाढ़ के कारण हुई आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है।
सूत्रों ने कहा, “स्थिति पर रिपोर्ट एडीपी, डब्ल्यूबी और अन्य वित्तीय संस्थानों को भी भेजी जाएगी। वित्त मंत्रालय ने बताया कि,''बाढ़ ने देश की कृषि और बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है। असाधारण बाढ़ के कारण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान दुर्जेय आर्थिक और अन्य चुनौतियों का सामना कर रहा है|